तेजस का पानी के जहाज पर उतारने का सफल परीक्षण।

आईएनएस विक्रमादित्य पर तेजस लडा़कू विमान की लैंडिंग के साथ ही भारत जंगी जहाज पर उतरने में सक्षम विमान तैयार करने वाला दुनिया का छठा देश बन गया है।

उससे पहले अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन यह उपलब्धि दर्ज कर चुके हैं। भारत के स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के नौसैनिक संस्करण ने शनिवार को भारत के विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य के डेक पर अपनी पहली गिरफ्तार लैंडिंग कराई। यहां देखे:

अपने बयान में, एलसीए को विकसित करने वाले रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने लैंडिंग को सफल माना।

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, लैंडिंग LCA को एक विमानवाहक पोत पर उतरने वाला पहला भारतीय निर्मित जेट बनाता है – जो इसे भारतीय सेना के स्वदेशीकरण की योजना और विशेष रूप से LCA कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनाता है।

2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एलसीए को तेजस नाम दिया। तेजस एक संस्कृत शब्द है, जिसका हिंदी अर्थ अत्यधिक शक्तिशाली ऊर्जा होता है।

तेजस : एक नजर
लंबाई 43.4 फीट और चौड़ाई 26.1 फीट
ऊंचाई 14.9 फीट और वजन (हथियार सहित) 9800 किलोग्राम
अधिकतम टेकऑफ भार : 13.5 हजार किलोग्राम
निर्माण लागत : 463 करोड़ रुपए प्रति विमान (करीब)

खूबी
2222किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम।
3000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है एक बार उड़ने पर।

खासियत
हवा से हवा में मार करने वाली छह तरह की मिसाइल की तैनाती मुमकिन।
इनमें डर्बी, पाइथन-5, आर-73, अस्त्र, असराम और मीटियोर-2 शामिल।

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