भारतीय नेवी ने अपना स्वयं का वायू स्वतंत्र संचालन विकसित किया।

डीआरडीओ ने विकसित की नई तकनीक:

वायु-स्वतंत्र प्रणोदन (AIP) कोई भी समुद्री प्रणोदन तकनीक है जो एक गैर-परमाणु पनडुब्बी को वायुमंडलीय ऑक्सीजन तक पहुंच के बिना (स्नॉर्कल का उपयोग करके या सर्फ़िंग करके) संचालित करने की अनुमति देती है। एआईपी गैर-परमाणु जहाजों के डीजल-इलेक्ट्रिक प्रणोदन प्रणाली को बढ़ा या बदल सकता है।

फॉस्फोरिक एसिड फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित स्वदेशी “एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन”, स्कॉर्पीन पनडुब्बियों में लगाई जाएगी, जब वह 2024 से शुरू होने वाले मिड-लाइफ रिफ़िट के लिए आती हैं। छह नए पंडुप्पी प्रोजेक्ट 75-I के सबस्क्रिप्शन बाहर से एक्सआईपी से आएंगे।

सही शब्द एयर इंडिपेंडेंट पावर है, न कि प्रोपल्शन, क्योंकि विभिन्न AIP डिवाइस पनडुब्बी को प्रोपेल नहीं करते हैं। लेकिन गलत वाक्यांश एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन इतना व्यापक है कि इसे सही करना अब असम्भव सा है।

आधुनिक गैर-परमाणु पनडुब्बियां परमाणु पनडुब्बियों की तुलना में संभावित रूप से गुप्त हैं; एक परमाणु जहाज के रिएक्टर को लगातार शीतलक पंप करना चाहिए, जिससे पता लगाने योग्य शोर की कुछ मात्रा उत्पन्न हो सकती है जिसे ध्वनिक हस्ताक्षर भी कहते है।

दूसरी ओर बैटरी पावर या AIP पर चलने वाली गैर-परमाणु पनडुब्बियां, वस्तुतः चुप या अदृश्य हो सकती हैं। जबकि परमाणु-संचालित डिज़ाइन अभी भी तेजी से डूबने और गहरे समुद्र के प्रदर्शन में हावी हैं। इसके विपरीत छोटी, उच्च-तकनीकी गैर-परमाणु हमले पनडुब्बियां तटीय अभियानों में अत्यधिक प्रभावी हैं और कम-अदर्श्य और कम-चालित परमाणु पनडुब्बियों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करती हैं।

भारतीय नौसेना अब कलवारी-क्लास (स्कॉर्पीन) पनडुब्बियों के लिए डीआरडीओ के एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन सिस्टम के लिए तत्पर है।

विदित हो कि हर साल 4 दिसंबर का दिन देश में भारतीय नौसेना दिवस ( Indian Navy Day – इंडियन नेवी डे ) के रूप में मनाया जाता है। दरअसल पाकिस्तानी सेना ने 3 दिसंबर 1971 को हमारे हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला बोल दिया था। जवाबी कार्रवाई में भारत ने ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ चलाया था। इसी के साथ 1971 के युद्ध की भी शुरुआत हुई थी। तब भारत ने पाकिस्तानी नौसेना के कराची स्थित मुख्यालय को निशाना बनाया था। यह हमला इतना जबरदस्त था कि कराची बंदरगाह पूरी तरह बर्बाद हो गया था और इससे लगी आग सात दिनों तक जलती रही थी।
इस दिन नौसेना के जाबाजों को याद किया जाता है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना (Indian Navy) की जीत के जश्न के रूप में भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है।

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