अकबर महान था या सौंदर्य लोलुप व्यभिचारी था?

(तिथि जून 12, 2019)

बादशाह अकबर:

अकबर के गले पर खंजर लगाए वीरांगना किरण देवी हैं जो महाराणा प्रताप के भाई शक्ति सिंह की बेटी थीं। मीना बाजार में किरण देवी को देख उनके रूप पर मोहित होकर अकबर ने अपने सैनिक भेजे और किरण देवी को बलात उठवा लिया। फिर जो हुआ वो तस्वीर में देखिए। इसके बाद अकबर ने माफी मांगी।

राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने गुरुवार को कहा कि मुगल सम्राट अकबर का महिलाओं के प्रति व्यवहार ‘संदिग्ध’ और ‘अनुचित’ था। सैनी ने दावा किया कि अकबर महिलाओं के लिए विशेष रूप से “दुष्कर्म” करने के लिए महिलाओं के मीना बाजार में जाता था। बस फिर क्या था, सारे सेक्युलर लीग इक्कठा हो गए सैनी को दुत्कारने को।

कांग्रेस के लिए तो मुगल बादशाह आसमान से उतरे हुए फरिश्ते ही है।

अकबर और महाराणा प्रताप के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती है। सैनी ने यह भी कहा कि “वर्तमान राजस्थान सरकार ने महाराणा प्रताप की महानता की तुलना अकबर से करने की बात कही है। मैं यह कहना चाहता हूं कि इस देश में, अकबर एक आक्रमणकारी था, जबकि महाराणा प्रताप ने 25 साल तक इस देश की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी। यदि अकबर महान होता, तो वह उन मंदिरों का पुनर्निर्माण करता, जिन्हें उसके पूर्वजों ने नष्ट कर दिया था। महाराणा प्रताप और अकबर के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती है।”

अकबर चाहे क्रूर न हो पर वह फरिश्ता हरगिज़ नही था। इस बारे में इतिहास सीता राम गोयल की पुस्तकों को पड़े तो पता चलेगा कि कोई भी मुगल सम्राट किसी आक्रांता से कम नही था। औरते सभी की कमजोरी थी। यहां तक कि मुगल काल से ही घूंघट की प्रथा शुरू हुई। विदित हो के तमिल नाडु में यह प्रथा बिल्कुल नही है क्योँकि वहां मुगल साम्राज्य नही था। वहां तो मंदिरों में सिर पर पल्लू लेने की भी परंपरा नही है।

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