बूझो तो जाने की हत्या किसने की?

डॉन हार्पर मिल्स एक लेक्चर में यह समस्या सुनाई:

एक मेडिकल परीक्षक ने रोनाल्ड ओपस के शरीर को देखा और निष्कर्ष निकाला कि वह सिर में बंदूक की गोली लगने के घाव से मर गया।

आगे की जांच से ये पता चला कि मृतक आत्महत्या करने के इरादे से दस मंजिला इमारत के ऊपर से कूद गया था (उसने अपनी हताशा का संकेत करते हुए मरने से पहले एक नोट छोड़ा था)

जब वह गिरते हुए 9 वीं मंजिल से गुजरे, तो खिड़की से निकली एक बन्दूक की गोली से उनका जीवन बाधित हो गया, जिससे उनकी तुरंत मौत हो गई। न तो शूटर और न ही मृतक को पता था कि कुछ विंडो वाशर्स (खिड़की साफ करने वाले) की सुरक्षा के लिए 8 वीं मंजिल पर एक सुरक्षा जाल बनाया गया था, और इस बात की काफी सम्भावना थी कि अगर गोली नही लगती तो मृतक आत्महत्या करने में सफल नहीं होता।

अमूमन अगर कोई व्यक्ति आत्महत्या करने निकलता है और उसमें सफल होता है, चाहे वह उसके सोचे हुए तरीके से ना भी हो तो भी वो आत्महत्या ही कहलाती है। लेकिन इस स्थिति में रोनाल्ड ओपस सफल नहीं होता क्योंकि वह सेफ्टी नेट के कारण बच जाता, ये सोचकर जासूसों को लगा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला होना चाहिए।

आगे की जांच से पता चला कि 9 वीं मन्ज़िल पर एक बुजुर्ग दम्पत्ति रहते हैं। आपसी झगड़े में बूढ़े ने अपनी पत्नी पर बंदूक तान दी। लेकिन गुस्से में उसका निशाना चुका और गोली खिड़की के बाहर से गिर रहे रोनाल्ड ओपस को लग गयी और वह मर गया।

जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को मारने की कोशिश में किसी तीसरे व्यक्ति को अनजाने में मार दे तो भी वो हत्या का दोषी होता है। लेकिन बूढ़े आदमी और उसकी पत्नी दोनों ने बयान दिया कि बूढ़े आदमी को गुस्से में बन्दूक दिखाने की पुरानी आदत है और हमेशा उनकी बन्दूक खाली होती है। यह हत्या का केस नहीं बल्कि एक दुर्घटना है।

लेकिन आगे की जांच में एक गवाह ने बताया कि उनके बेटे को घातक दुर्घटना से लगभग छह सप्ताह पहले बन्दूक लोड करते देखा गया था। उस जाँच से पता चला कि माँ (बूढ़ी औरत) ने अपने बेटे की आर्थिक सहायता में कटौती कर दी थी, और उसके बेटे ने अपने पिता की धमकी देने वाली खाली बन्दूक को इस उम्मीद के साथ लोड किया कि पिता उसकी माँ को झगड़े में धमकी देते हुए असली में गोली मार देगा। मामला अब रोनाल्ड ओपस की मौत के लिए बेटे की ओर से हत्या में से एक बन गया।

पहले यह आत्महत्या का केस था, फिर यह बूढ़े द्वारा हत्या के मामले में बदला, अब यह बूढ़े के बेटे द्वारा हत्या के मामले में तब्दील हो गया।

केस का रोमांचक मोड़ अब आता है। आगे की जांच में पता चला कि वो बेटा और कोई नहीं बल्कि रोनाल्ड ओपस ही है। अपनी माँ की हत्या की कोशिश में नाकाम रहने के कारण खुद ही हताश हो गया था। इसके कारण 23 मार्च को दस मंजिला इमारत से कूद गया, लेकिन 9 वीं मन्ज़िल की खिड़की के माध्यम से एक बन्दूक की गोली से मारा गया जो उसके पिता ने उसकी माँ के ऊपर खाली समझ के तानी थी लेकिन उसे भरा खुद रोनाल्ड ओपस ने ही था।

चकरा देने वाली बात यह है कि क्या ये आत्महत्या है, बूढ़े द्वारा हत्या है, या फिर खुद रोनाल्ड ओपस खुद ही का हत्यारा है क्योंकि बन्दूक उसी ने लोड की थी। बहरहाल इसे आत्महत्या का केस बताकर बन्द किया गया।

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